भारतीय ज्योतिष के अन्तर्गत कुण्डली में ग्रहों के स्थिति को देख कर ये ज्ञात करना कि जातक जिन्दा है या मर चूका है -
नियम - जन्म लग्न, अष्टम स्थान की राशि और प्रश्न लग्न इन तीनो की संख्या को जोड़ कर जन्म कुण्डली के अष्टमेश की राशि संख्या से गुणा कर के लग्नेश की राशि संख्या से भाग देने पर विषम अंक - 1,3,5,7,9,11 शेष रहे तो जीवित की और सम अंक - 2,4,6,8,10,12 शेष रहे तो मृतक की जन्म पत्रिका होती है।

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