84 लाख योनियो में 14 योनियाँ सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती हैं । जिंनका निर्धारण मनुष्य के पैदा होने के समय नक्षत्र के अनुसार किया जाता है ।
27 नक्षत्रों के अनुसार 14 योनियाँ होती हैं ।
1- अश्व योनि
2- गज योनि
3- मेष योनि
4- सर्प योनि
5- श्वान योनि
6- मार्जार योनि
7- मूषक योनि
8- गौ योनि
9 - महिष योनि
10 - व्याघ्र योनि
11- मृग योनि
12- वानर योनि
13- नकुल योनि
14 - सिंह योनि ।
इन 14 योनियों में कुछ मित्र योनि होती हैं , कुछ शत्रु योनि होती हैं और कुछ महावैर योनि होती हैं जैसे -
साँप और नेवला
हाथी और शेर
गौ और व्याघ्र
चूहा और बिल्ली
घोड़ा और महिष
वानर और मेष
ये महावैर योनि हैं ।
इस योनि दोष का परिणाम मुख्यत संभोग के रूप में देखा जाता है । दुनिया में 50 % रिश्ते असंतोषजंनक शारीरिक संबंधों के कारण टूट जाते हैं । इसलिए इस दोष का संबंध असंतोषजनक संबंधों के रूप में देखा जाता है ।
उदाहरण के लिए लड़के की योनि गज है और लड़की की योनि सिंह है , तो ऐसी स्थिति में हाथी और शेर संभोग नहीं कर सकते हैं । ये एक दूसरे को देखते ही मारने की कोशिश करते हैं । इसी प्रकार लड़का और लड़की की कुंडली में यह दोष आ जाता है । तो हम बोल देते हैं इनका शारीरिक संबंध ठीक नहीं रहेगा । योनि दोष का मिलान उचित नहीं है ।
कितनी बार देखने में आता है की पति और पत्नी के बीच हमेशा इसी मुद्दे को लेकर झगड़ा बना रहता है ।
इसलिए शादी से पहले कुंडली मिलान के हर पहलू पर विचार करना चाहिए ।
कुंडली मिलाने से पहले लड़के व लड़की की कुंडली में इन 11 योगों को अवश्य देख लेना चाहिए ।
1- लंबी आयु
2- चरित्र हीनता
3- दरिद्र योग
4- लंबी बीमारी
5- होमोसेक्स
6- हिजड़ापन
7 -तलाक योग
8 -बांझपन
9-अवैध संबंध
10-जेल योग
नोट - शनि महादशा , राहू महादशा ,शनि की साढ़े साती या मांगलिक दोष न हो ।
